
अलग अंदाज में रामचरित मानस पाठ व भजन गायन की प्रतिभा का कायल है भदोही जनपद
भदोही (संजय सिंह). आधुनिकता की अंधी दौड़ में कुछ लोग अपनी संस्कृति और संस्कार को छोड़ने में तनिकभी गुरेज नहीं करते। वहीं इसी समाज में कुछ ऐसी शख्सियतें भी हैं जो अपनी प्रतिभा के साथ साथ अपनी संस्कृति और संस्कार को भी पोषित करते चलते हैं।
भदोही जिले की एक ऐसी ही प्रतिभाशाली बिटिया है, जो अपने भजन और श्रीरामचरित मानस पाठ के लिए जानी जाती है। जहां भी श्रीरामचरित मानस पाठ का आयोजन होता है, वहां पर खुशी के भजन को सुन चुके लोग सोचते हैं कि शायद अभी भदोही की बिटिया खुशी पांडेय भी आएगी और श्रीरामचरित मानस पाठ से लोगों को अभिभूत करेगी।

विदित हो कि ऊंज क्षेत्र के दशरथपुर बयांव निवासी आद्या प्रसाद पांडेय की पौत्री और अशोक पांडेय की छोटी बेटी खुशी पांडेय इस समय न केवल भदोही बल्कि आसपास के जनपदों में मानस कोकिला के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। खुशी पांडेय श्री रामचरित मानस पाठ बड़े ही अलग अंदाज करती हैं और हारमोनियम भी खुद बजाती हैं।
खुशी के पिता अशोक पांडेय जब से सूरत से भदोही आए हैं, तभी से कहीं न कहीं कार्यक्रम लगा है। खुशी के पिता ने बताया कि खुशी चार वर्ष की उम्र से ही भजन और श्रीरामचरित मानस का पाठ कर रही है।
पहले वह सूरत में थी, लेकिन बीते 10 वर्षों से खुशी गांव में ही है। यहां समाज को देखते हुए खुशी अन्यत्र नहीं जाती थी, लेकिन जबसे उसके पिता अशोक पांडेय गांव आए हैं, तभी से खुशी का कार्यक्रम हो रहा है और अब धीरे-धीरे खुशी की प्रतिभा और गायकी को देखकर लोग हैरान हैं।
खुशी पांडेय ने बताया कि उसने सूरत के महाबली हनुमान मंदिर से भजन गायन प्रारंभ किया और अब वह गांव में भी परिवार के सहयोग से लोगों का स्नेह मिल रहा है। खुशी ने बताया कि वह केवल भजन और श्रीरामचरित मानस पाठ ही गाती है। भोजपुरी और अन्य गीत नहीं गाती है। खुशी, भगवान श्रीराम के चरित्र पर आधारित श्रीराम कथा का शुभारंभ करना चाहती हैं।
खुशी पांडेय ने कहा, बेटियों को आगे बढ़ने में परिवार के लोगों का सहयोग बने रहना चाहिए, क्योंकि आज बेटियां भी सब कुछ कर रही हैं। खुशी ने बताया कि लोग डीएम, एसपी, डाक्टर, वकील और अध्यापक या अन्य चीजों पर फोकस करते हैं, लेकिन उसने भगवान श्रीराम के भजन और कथा को ही अपने जीवन का आधार बनाया है।
दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटी खुशी पांडेय की खुशी के लिए परिवार को लोग भी आगे बढ़कर मदद कर रहे हैं।

