
नई दिल्ली। देश की न्यायपालिका के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन स्थित गणतंत्र मंडप में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायमूर्ति बी.आर. गवई का स्थान लिया, जिनका कार्यकाल 23 नवंबर को समाप्त हुआ। नए मुख्य न्यायाधीश अब अगले लगभग 14 महीनों तक, यानी 9 फरवरी 2027 तक, देश की सर्वोच्च न्यायपालिका का नेतृत्व करेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश और गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत के पदभार संभालने के साथ ही न्यायपालिका में प्रशासनिक सुधार, लंबित मामलों में तेजी और तकनीकी नवाचारों को लेकर नई उम्मीदें भी जुड़ गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर अपने संदेश में लिखा— “न्यायमूर्ति सूर्यकांत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुआ। उनके सफल और प्रभावी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।”



