
The live ink desk. हंगरी के दिग्गज आधुनिक पेंटाथलॉन खिलाड़ी गाबोर बेनेडेक, जिनकी उम्र अब 98 वर्ष है, दुनिया के सबसे अधिक आयु वाले जीवित ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बन गए हैं। यह जानकारी हंगेरियन न्यूज एजेंसी MTI ने साझा की है।
यह उपलब्धि पूर्व सोवियत फुटबॉलर निकीता सिमोनयान के निधन के बाद दर्ज हुई। सिमोनयान, जिन्होंने 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में सोवियत संघ के साथ फुटबॉल में स्वर्ण पदक जीता था, हाल ही में 99 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह गए।
बेनेडेक का ओलंपिक सफर
23 मार्च 1927 को तिसाफ्यूरेड में जन्मे बेनेडेक ने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम स्वर्ण और व्यक्तिगत रजत पदक जीता था। इसके बाद वे विश्व चैम्पियनशिप में भी व्यक्तिगत और टीम दोनों श्रेणियों में खिताब हासिल कर चुके हैं। वे 1970 से जर्मनी के बॉन शहर के पास रह रहे हैं।
इतिहास में एक और नाम
हंगरी की ही पांच बार की ओलंपिक जिम्नास्टिक्स चैंपियन एग्नेस केलेटी वास्तव में अब भी इतिहास की सबसे उम्रदराज़ ओलंपिक चैंपियन हैं। उनका इस वर्ष 104वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले निधन हुआ था।

