हिंदू सम्मेलन में गूंजी गुरु तेग बहादुर के बलिदान की कहानी

बच्चों ने अपने प्रदर्शन से परिवार को बचाने पर दिया जोर
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). हिंदू धर्म बलिदानों के इतिहास पर टिका है । दिसंबर का यह महीना गुरु तेग बहादुर और उनके संतानों के बलिदानों का पखवाड़ा है । जिसे हम सभी हिंदू समाज को नहीं भूलना चाहिए । यह वक्तव्य शंकरगढ़ राम वाटिका मे आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्रीमान राजेंद्र जी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा।
उन्होंने आगे कहा कि आज के 100 साल पहले 1925 में संघ संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने हिंदू समाज को संगठित करने का संकल्प ले लिया था, जबकि उस समय हिंदू धर्म का नाम लेने पर लोग मजाक करते थे । लेकिन संघ के संस्थापक को यह मालूम था यही एक ऐसा धर्म है जो विश्व भर का पालक और अगुवा बनेगा।

संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर आज हिंदू सम्मेलन आयोजित किया जा रहे हैं जिससे प्रत्येक हिंदू जागृत हो और वह अपने मूल सनातन धर्म के सिद्धांतों को इस धरती पर आगे बढ़ा सके इसीलिए घर-घर संपर्क और जगह-जगह हिंदू सम्मेलनो का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें समाज के लोग ही आयोजनकरता बनकर आगे आ रहे हैं।
गृह संपर्क के रूप में संघ के कार्यकर्ता प्रत्येक घरों में जाकर हिंदू परिवार के स्वरूप को समाज में फैलाने का काम कर रहे हैं जिसमें समाज में पांच परिवर्तन के लिए हम काम कर रहे हैं।परिवार की इकाई को हम बचाने के लिए कुटुंब प्रबोधन का कार्य कर रहे हैं परिवार बचना चाहिए।कार्यक्रम में गीत संगीत और मातृशक्ति के कई कार्यक्रम आयोजित हुए। जिसमें चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल के दर्जनों बालिकाओं ने दुर्गा और काली बनकर सुंदर प्रस्तुति दी।आसपास के कई मठ और मंदिरों के महंत भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में शंकरगढ़ नगर की महिलाएं भी जुटी । कार्यक्रम का संचालन सुरेश भाई ने किया । अन्य प्रमुख लोगों में प्रचारक सतीश जी, खण्ड प्रचारक श्यामसुन्दर,गोविंद शरण, शैलेंद्र,कथा वाचिका आकांक्षा मिश्रा, अशोक केसरवानी, रचना केसरवानी, रोहित , दिवाकर , सूर्यकांत जी, अजय जी, राजेंद्र जी, आत्माराम जी,राजेश जी,मूलचंद्र जी,नरेंद्र जी,सुनील जी,रतन जी,जय कुमार,रामजतन बंसल आदि रहे।अंत में भारत माता की आरती के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया



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