2025 में पुलिस मुठभेड़: 48 कुख्यात अपराधी हुए ढेर

2739 कार्रवाइयों में एक सिपाही शहीद, 138 जवान हुए घायल
लखनऊ (विजय मिश्र). उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिहाज से वर्ष 2025 पुलिस विभाग के लिए अहम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति और बढ़े हुए संसाधनों के सहारे पुलिस ने संगठित अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की, जिसका असर यह रहा कि कई कुख्यात बदमाश प्रदेश छोड़ने को मजबूर हुए। वर्षभर में कुल 2,739 पुलिस कार्रवाइयों के दौरान 48 अपराधी मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि 3,153 घायल हुए। इस दौरान एक पुलिसकर्मी शहीद हुआ और 138 जवान घायल हुए।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि सरकार के स्पष्ट निर्देशों के तहत अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए। जुलाई 2023 से अब तक 1,25,985 अपराधियों को न्यायालय से दोषसिद्ध कराया गया है, जिनमें 79 को मृत्युदंड मिला। वर्ष 2017 की तुलना में प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाओं में 53 प्रतिशत, डकैती में 91 प्रतिशत, अपहरण में 17 प्रतिशत और दहेज हत्या में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार अपराध दर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में 20वें स्थान पर है।
इस वर्ष अवैध धर्मांतरण के मामलों में भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। एक जनवरी से 20 दिसंबर 2025 के बीच 475 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 655 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। अधिकांश मामलों में विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं।
गौवध और गौतस्करी पर कार्रवाई के तहत 1,197 मुकदमे दर्ज कर 3,128 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। इनमें से 958 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई। कई मामलों में गुंडा और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई।
चोरी, लूट, डकैती और नकबजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ी बरामदगी की। वर्षभर में 8,543 दोपहिया और 911 चारपहिया वाहन बरामद किए गए। इसके साथ ही करोड़ों रुपये की नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियां जब्त की गईं। वहीं, खोए और चोरी गए मोबाइल फोन की बरामदगी के अभियान में 54,995 मोबाइल फोन पुलिस ने खोज निकाले, जिनमें से अधिकांश को विधिक प्रक्रिया के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया।
पुलिस विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में माल मुकदमाती के निस्तारण की प्रक्रिया को भी तेज किया गया। इस दौरान एक लाख से अधिक वाहन, करोड़ों रुपये की नकदी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों का निस्तारण कराया गया।
2017-2025 तक दो लाख से अधिक भर्तियां
डीजीपी ने बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में पुलिस बल को लगातार मजबूत किया गया है। वर्ष 2017 से नवंबर 2025 तक दो लाख से अधिक भर्तियां की गईं और बड़ी संख्या में कर्मियों को पदोन्नति दी गई। वर्तमान में भी हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस के आधुनिकीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स सुधार के लिए बजट में लगातार वृद्धि की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पुलिस बजट को बढ़ाकर 40,661.87 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सरकार और पुलिस विभाग का दावा है कि सख्त नीति, संसाधनों की उपलब्धता और सक्रिय पुलिसिंग के चलते उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है और प्रदेश अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में नई दिशा की ओर बढ़ रहा है।

