माघ मेले की शोभा बढ़ाएगी भदोही कारागार के बंदियों द्वारा बनाई गई कालीन

भदोही (सत्येंद्र द्विवेदी). माघ मेला प्रयागराज 2026 में कला और कौशल की एक अनोखी झलक देखने को मिलेगी। भदोही जिला कारागार के बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट कालीनों को आज (एक जनवरी, 2026) जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर प्रयागराज के लिए रवाना किया। यह पहल बंदियों के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा माघ मेला 2026 का विशिष्ट “लोगो” जारी किया गया था। कारागार के हुनरमंद बंदियों ने इसे अपने प्रयास और बुनाई कौशल के माध्यम से कालीन पर उतारा है, जिससे प्रतीक चिन्ह जीवंत और आकर्षक रूप में सामने आया।
जिलाधिकारी ने कारागार में तैयार किए गए विभिन्न डिजाइन और उत्कृष्ट बुनाई वाले कालीनों का अवलोकन किया और बंदियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी, बल्कि उनके सामाजिक पुनर्वास और कौशल विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
यह पहल माघ मेला को न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध करेगी, बल्कि सामाजिक नवाचार और बंदियों के हुनर को देशभर में प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगी।
प्रदर्शन-बिक्री के लिए कालीन रवाना
कारागार अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में 113 विभिन्न साइज और डिज़ाइन के कालीन माघ मेला प्रयागराज के सेक्टर-3, परेड ग्राउंड, किला चौराहा के पास स्थित उत्तर प्रदेश प्रदर्शनी स्टाल पर आम जनता के अवलोकन और बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इन कालीनों की बिक्री से बंदियों को उनके परिवारों को आर्थिक सहयोग देने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
विशेष आकर्षण के रूप में कालीन
कालीन निर्माण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लालाराम, पिंटू और रमेश कुमार बिंद के द्वारा बनाए गए कालीन अपनी बुनाई, गुणवत्ता और आकर्षक डिज़ाइन के कारण माघ मेला 2026 में विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगे और मेले की शोभा में चार चाँद लगाएंगे।



