इरादतगंज में सरकारी नाले पर निर्माण, SDM ने दिए जांच के आदेश

प्रयागराज (श्याम प्रकाश सिंह). इरादतगंज हाइवे के किनारे स्थित सरकारी नाले पर किए जा रहे अवैध निर्माण ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। सरकारी भूमि की सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों के बीच नाले पर पक्का निर्माण खुलेआम जारी है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
राजस्व अमले की भूमिका पर उठे संदेह
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित क्षेत्र के राजस्व कर्मियों को इस अवैध निर्माण की पूरी जानकारी है। इसके बावजूद न तो निर्माण रुकवाया गया और न ही कब्जाधारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम उठाया गया। इससे राजस्व विभाग की निष्क्रियता ही नहीं, बल्कि संभावित मिलीभगत की आशंका भी गहराती जा रही है।
जल निकासी और सड़क सुरक्षा पर मंडराता खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी नाले पर कब्जा भविष्य में गंभीर जलभराव की समस्या पैदा कर सकता है। बरसात के मौसम में नाले का प्रवाह बाधित होने से हाइवे पर जलजमाव और सड़क क्षति की आशंका बनी रहेगी, जिससे आमजन की सुरक्षा पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है।
‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों पर सवाल
प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के बावजूद इस तरह के मामलों का सामने आना प्रशासनिक दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े करता है। लोगों में चर्चा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला अन्य सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के लिए नजीर बन सकता है।
कार्रवाई की मांग तेज, प्रशासन पर टिकी निगाहें
क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोषी राजस्व कर्मियों और अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में सरकारी संपत्ति पर कब्जे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके।
एसडीएम बारा ने दिए जांच के निर्देश
इस संबंध में एसडीएम बारा प्रेरणा गौतम ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अवैध निर्माण पर कब तक लगाम लगाता है और सरकारी नाले को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है।



