
The live ink desk. मुंबई महानगरपालिका में महापौर पद के चुनाव को लेकर बना गतिरोध फिलहाल समाप्त होता नहीं दिख रहा है। भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से नगरसेवकों के समूह पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी न किए जाने के कारण प्रशासन ने महापौर चुनाव को फरवरी माह तक के लिए टाल दिया है।
प्रशासन की ओर से पहले 31 जनवरी को मतदान कराने की तैयारी की गई थी और 27 जनवरी को नामांकन दाखिल किए जाने थे। महापौर पद के आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी, जिसके तहत इस बार मुंबई का महापौर पद खुली श्रेणी की महिला के लिए आरक्षित घोषित किया गया है। बावजूद इसके तकनीकी और राजनीतिक कारणों से चुनाव कार्यक्रम को आगे बढ़ाना पड़ा है।
वर्तमान राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो महायुति में शामिल भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के पास कुल 118 नगरसेवकों का समर्थन है। इनमें भाजपा के 89 और शिंदे सेना के 29 नगरसेवक शामिल हैं, जिससे गठबंधन बहुमत की स्थिति में है। हालांकि महापौर पद को लेकर दोनों दलों के बीच अब तक अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे से लौटने के बाद गठबंधन के भीतर सत्ता-साझेदारी और महापौर पद को लेकर बातचीत तेज होने की संभावना है। इसके बाद ही महापौर चुनाव की नई तिथि घोषित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।


