
The live ink desk. अमेरिका के व्यापक हिस्से में आए भीषण शीतकालीन तूफान ने जनजीवन को ठप कर दिया है। तेज बर्फबारी, जमाने वाली हवाओं और रिकॉर्ड स्तर की ठंड के बीच अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई राज्यों में आपात हालात बने हुए हैं और करोड़ों नागरिक अत्यधिक ठंड की चपेट में हैं।
विभिन्न राज्यों से मौतों की अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। टेक्सास के फ्रिस्को और अर्कांसस में स्लेजिंग हादसों में दो किशोरों की जान गई, जबकि ऑस्टिन क्षेत्र में संदिग्ध हाइपोथर्मिया से एक व्यक्ति की मौत हुई। लुइसियाना में दो, टेनेसी में तीन और नॉर्थ कैरोलिना में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई। न्यूयॉर्क सिटी में सप्ताहांत के दौरान खुले में पांच लोगों के मृत पाए जाने की पुष्टि नगर प्रशासन ने की है। मैसाचुसेट्स में स्नो प्लाउ की चपेट में आने से एक महिला की जान चली गई, वहीं कंसास में बर्फ से ढकी अवस्था में एक महिला मृत मिली।
नेशनल वेदर सर्विस के अनुसार, टेक्सास से न्यू इंग्लैंड तक लगभग 20 करोड़ लोग कोल्ड अलर्ट के दायरे में हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अमेरिका के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में शून्य से नीचे तापमान और असाधारण ठंड का दौर फरवरी की शुरुआत तक बना रह सकता है।
तूफान का असर बुनियादी सेवाओं पर भी पड़ा है। देशभर में आठ लाख से अधिक उपभोक्ता बिजली आपूर्ति से वंचित हैं, जिनमें टेनेसी, मिसिसिपी और लुइसियाना सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं। हवाई यातायात पर भी भारी असर पड़ा है—एक ही दिन में 10,500 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जबकि सोमवार को लगभग 4,000 उड़ानें निरस्त करनी पड़ीं।
बर्फबारी के आंकड़े भी हालात की गंभीरता दर्शाते हैं। मैसाचुसेट्स के कुछ इलाकों में 20 इंच तक बर्फ जमी, जबकि पेंसिल्वेनिया में 23 इंच तक हिमपात दर्ज किया गया। हालांकि कई क्षेत्रों में बर्फबारी थम चुकी है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि कड़ाके की ठंड का असर अभी लंबे समय तक बना रहेगा।


