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माघ मेला–2026: महाशिवरात्रि पर लागू रहेगा डायवर्जन, मेले में वाहनों की नो एंट्री

अंतिम स्नान पर्व के लिए पुलिस आयुक्त ने की ब्रीफिंग

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). माघ मेला–2026 के अंतिम और प्रमुख स्नान पर्व महाशिवरात्रि (15 फरवरी) को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से गुरुवार को रिज़र्व पुलिस लाइंस स्थित तीर्थराज सभागार में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में व्यापक पुलिस ब्रीफिंग आयोजित की गई।

बैठक में मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि नो-व्हीकल ज़ोन का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए पूर्व निर्धारित डायवर्जन योजना लागू रहेगी। ट्रैफिक कंट्रोल रूम और आईसीसीसी के माध्यम से निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए पुराने पुल समेत प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए।

पुलिस प्रशासन ने संगम और प्रमुख शिवालयों में संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर जोर दिया। बताया गया कि मेला क्षेत्र के अधिकांश सेक्टर खाली हो चुके हैं, हालांकि संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या जुटने की संभावना है। हेलिपैड, गल्ला मंडी, किसान पार्किंग और प्लॉट संख्या–17 की पार्किंग सक्रिय रहेंगी। महाशिवरात्रि के दिन घाटों तक किसी भी वाहन के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

घाटों की स्थिति, जलस्तर में परिवर्तन, कटान संभावित क्षेत्रों और स्नान-वर्जित स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जल पुलिस और फ्लड टीमों को सक्रिय रखते हुए असुरक्षित स्थानों पर स्नान रोकने के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

मेलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट्स को पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त भ्रमण कर घाटों, चेंजिंग रूम, शौचालय और संकेतक (साइनेज) की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संगम क्षेत्र में पूर्ववत ग्रिड सिस्टम, बैरियर और डायवर्जन को तय योजना के अनुसार लागू करने पर सहमति बनी।

मेला क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों— मनकामेश्वर, नागवासुकी, सोमेश्वर महादेव सहित अन्य मंदिरों में ड्यूटी को श्रेणीवार विभाजित करने, महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाने, निर्गमन को तेज रखने तथा भीड़ के दबाव को कम करने के लिए एलईडी स्क्रीन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए। यू.पी.-112, महिला हेल्प डेस्क और अन्य विशेष ड्यूटियों की समीक्षा कर उन्हें पूर्ण क्षमता से संचालित करने को कहा गया।

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि 14 फरवरी सुबह 8 बजे से 16 फरवरी सुबह 8 बजे तक पीक-डे ड्यूटी प्रभावी रहेगी और अंतिम स्नान के कारण किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। बीडीडीएस, एलआईयू और अन्य इकाइयों के साथ समन्वय बनाकर संवेदनशील स्थलों पर सघन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय), पुलिस अधीक्षक माघ मेला, मेलाधिकारी, पुलिस उपायुक्त नगर, पुलिस उपायुक्त यमुनानगर, अपर पुलिस उपायुक्त नगर/नोडल अधिकारी माघ मेला सहित पुलिस, प्रशासन एवं अन्य इकाइयों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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