
The live ink desk. महाराष्ट्र के नागपुर जिले में रविवार सुबह एक निजी विस्फोटक सामग्री निर्माण इकाई में हुए भीषण धमाके में 18 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना कटोल तालुका के कलमेश्वर थाना क्षेत्र के राउलगांव गांव के समीप स्थित एसबीएल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डेटोनेटर नोजल क्लिपिंग प्लांट (यूनिट 20बी और 16बी) में हुई।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, विस्फोट सुबह लगभग 7:10 बजे से 8:20 बजे के बीच हुआ। हादसे में 17 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। लगभग 18 घायलों को नागपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और ऑरेंज सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया।
कारखाने में घटना के समय 25 से 30 श्रमिक कार्यरत थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। बड़ी संख्या में श्रमिक झुलस गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से अस्पतालों में भेजा गया।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रशासन को हर स्तर पर राहत एवं चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
पीएम ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। संबंधित कंपनी की ओर से भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। फिलहाल विस्फोट के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है।



