
The live ink desk. पश्चिम एशिया (Middle East Tension) में जारी सैन्य टकराव के बीच इजराइल ने दो अलग-अलग अभियानों में हिज़्बुल्लाह और ईरान की कुद्स फोर्स से जुड़े दो अहम सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाने का दावा किया है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
इजराइली नौसेना द्वारा बेरूत में किए गए एक सटीक हमले में हज्ज यूसुफ इस्माइल हाशेम को मार गिराने का दावा किया गया है। हाशेम हिज़्बुल्लाह के दक्षिणी मोर्चे के कमांडर थे और चार दशक से अधिक समय से संगठन से जुड़े थे। उन्हें संगठन की सैन्य पुनर्संरचना और इजराइल के खिलाफ अभियानों की रणनीति तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभाने वाला माना जाता था।
दूसरी कार्रवाई में ईरान के महल्लात क्षेत्र में महदी वफ़ाई के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। वफ़ाई, कुद्स फोर्स की लेबनान कॉर्प्स की इंजीनियरिंग शाखा का नेतृत्व कर रहे थे। उन पर लेबनान और सीरिया में भूमिगत सैन्य ढांचे विकसित करने और उन्हें संचालित करने का आरोप था, जिनका उपयोग हिज़्बुल्लाह और बशर अल-असद के नेतृत्व वाले सीरियाई तंत्र द्वारा किया जाता रहा है।
सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, ये दोनों कार्रवाई इजराइल की उस रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत वह क्षेत्र में ईरान समर्थित नेटवर्क की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। खासतौर पर भूमिगत सुरंगों, हथियार भंडारण और कमांड नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है।
हालांकि, इन हमलों पर अभी तक ईरान या हिज़्बुल्लाह की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन माना जा रहा है कि इससे क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लेबनान, सीरिया और इजराइल के बीच पहले से तनावपूर्ण हालात अब और जटिल हो सकते हैं।




