
The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी मध्य कमान यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि पिछले दो दिनों में ईरान के भीतर 1,000 से अधिक सैन्य लक्ष्यों पर हमले किए गए। इस बीच इजरायल और लेबनान के उग्रवादी संगठन हिज्बुल्लाह के बीच रॉकेट और ड्रोन हमलों का सिलसिला भी तेज हो गया है।
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटकॉम ने रविवार को जारी बयान में कहा कि अभियान के दौरान जहाजों, पनडुब्बियों, मिसाइल साइटों, संचार नेटवर्क तथा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांड-एंड-कंट्रोल केंद्रों को निशाना बनाया गया। हमलों की स्वतंत्र पुष्टि और वास्तविक क्षति का आकलन फिलहाल जारी है।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्रीय हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं। इसी घटनाक्रम के बाद सोमवार सुबह स्थानीय समयानुसार हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इसे खामेनेई की हत्या का प्रतिशोध बताया।
इसके प्रत्युत्तर में इज़राइल डिफेंस फोर्सेज़ (आईडीएफ) ने दक्षिणी बेरूत और लेबनान के अन्य क्षेत्रों में हवाई हमले किए। आईडीएफ का कहना है कि कार्रवाई ईरान-समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर केंद्रित थी। दक्षिणी बेरूत में कम से कम आठ विस्फोटों की आवाजें सुने जाने की सूचना है, जिसके बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाते देखे गए।
इजरायल ने देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में लगभग 50 शहरों को खाली करने की अपील की है। यह निर्देश पूर्व में जारी सुरक्षा परामर्शों की पुनरावृत्ति बताया जा रहा है। उधर, इजरायल ने रविवार को कहा कि उसने ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया चरण शुरू किया है, जबकि तेहरान ने इजरायल और फारस की खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की बात कही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। हालांकि, उन्होंने इन लक्ष्यों का सार्वजनिक रूप से विवरण साझा नहीं किया। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच पश्चिम एशिया में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका और गहरा गई है।


