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इजराइल पर ईरान का बड़ा हमला, पहली बार दागी ‘सेजिल’ बैलिस्टिक मिसाइल

The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच ईरान ने पहली बार इजराइल के खिलाफ अपनी लंबी दूरी की ‘सेजिल’ बैलिस्टिक मिसाइल का उपयोग किया है। ईरान की इस कार्रवाई ने क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान की सरकारी मीडिया और सैन्य सूत्रों के अनुसार यह हमला इजराइली सैन्य और रक्षा प्रतिष्ठानों को लक्ष्य बनाकर किया गया।

ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) से जुड़ी समाचार एजेंसी ने बताया कि यह मिसाइल हमला संघर्ष के 17वें दिन किया गया। आईआरजीसी के अनुसार ‘सेजिल’ मिसाइल ईरान की उन्नत ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइलों में शामिल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 2000 से 2500 किलोमीटर तक बताई जाती है। संगठन ने दावा किया कि इस हमले के दौरान इजराइल के कई सैन्य ठिकानों और रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।

सैन्य अधिकारियों के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद से ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। उस दिन ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में सैन्य अड्डों के साथ-साथ कुछ नागरिक ठिकानों पर भी हमले हुए थे, जिससे बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और कई लोगों की मौत हुई। ईरान का कहना है कि इसी के बाद उसके सशस्त्र बलों ने जवाबी अभियान शुरू किया।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया है कि तेहरान ने न तो युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है और न ही अमेरिका के साथ किसी तरह की नई वार्ता शुरू करने की पहल की है। अमेरिकी समाचार नेटवर्क CBS News को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ईरान तब तक अपनी रक्षा करता रहेगा जब तक खतरा समाप्त नहीं हो जाता।

अराघची ने यह भी कहा कि इस संघर्ष में ईरान पीछे हटने वाला नहीं है और अमेरिका को यह स्वीकार करना होगा कि मौजूदा युद्ध उचित नहीं है। उनका कहना था कि जब तक अमेरिका इस स्थिति को नहीं समझता, तब तक ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि हालिया हमलों के बाद ईरान के कुछ परमाणु सामग्री भंडार भूमिगत संरचनाओं में दब गए हैं। हालांकि भविष्य में उन्हें निकालने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है, लेकिन फिलहाल इस दिशा में कोई योजना नहीं बनाई गई है। ईरान के विदेश मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि तनाव बढ़ने से पहले अमेरिका के साथ हुई बातचीत के दौरान ईरान अपने उच्च स्तर पर समृद्ध परमाणु सामग्री के भंडार को कम करने के लिए सिद्धांततः तैयार था।

विशेषज्ञों का मानना है कि सेजिल मिसाइल के इस्तेमाल से संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय संघर्ष अब अधिक उन्नत हथियार प्रणालियों तक पहुंच गया है। इससे मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ सकती है।

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