UP के सभी नगर निगमों को मिले 10-10 नामित पार्षद, शासन ने की घोषणा

लखनऊ (विजय मिश्र). उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में नामित पार्षदों के मनोनयन की घोषणा कर दी है। इस निर्णय के साथ ही शहरी स्थानीय निकायों में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं तथा विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी संगठन की सिफारिश पर नगर विकास विभाग ने प्रत्येक नगर निगम में 10-10 पार्षदों को नामित किया है। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरु प्रसाद द्वारा सोमवार को जारी अधिसूचना में इन मनोनयनों का विस्तृत विवरण दिया गया है। बताया गया है कि यह प्रक्रिया संगठनात्मक सुझावों और स्थानीय स्तर पर प्राप्त फीडबैक के आधार पर पूरी की गई है।
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव गुरु प्रसाद के अनुसार, नामित पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय निर्वाचित पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर नगरों के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। हालांकि, ये नामित पार्षद नगर निगम या नगर पालिका की सदन कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे, लेकिन क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें कर सकेंगे।
नगर विकास विभाग की ओर से इस संबंध में 190 पृष्ठों की विस्तृत अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें प्रदेश के सभी नगर निगमों में भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों के 10-10 नेताओं को पार्षद के रूप में मनोनीत किए जाने का उल्लेख है। वहीं, छोटी नगर पालिकाओं में भी पांच से छह पार्षदों के मनोनयन की व्यवस्था की गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधित्व को मजबूत किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने एक सांगठनिक बैठक आयोजित कर संभावित नामों पर विस्तार से चर्चा की थी। उसी प्रक्रिया के तहत चयनित नामों को अंतिम रूप देकर शासन को भेजा गया, जिसके आधार पर अब यह अधिसूचना जारी की गई है।
इस फैसले के बाद प्रदेश भर के नगर निकायों में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है। आमजन का मानना है कि नामित पार्षद स्थानीय समस्याओं—जैसे स्वच्छता, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं—के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में योगदान देंगे।
