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तुर्की और इजराइल के बीच बहाल हुए राजनयिक संबंध, राजदूत ने सौंपा विश्वास पत्र

नई दिल्ली (the live ink desk). इजराइल (Israel ) और तुर्की (Turkey) के बीच बीते कई सालों से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों की बर्फ पिघलती दिखाई दे रही है। अब दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते (Diplomatic relations) बहाल होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंगलवार को तुर्की में इजराइल की राजदूत आयरिन लिलियन ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयब अरदोआन को अपना विश्वास पत्र सौंपा है। मालूम हो कि कई सालों के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते फिर से पूरी तरह बहाल होते हुए दिखाई पड़ रहे हैं।

आयरिन लिलियन जनवरी 2021 से तुर्की में इजराइल की उप राजदूत के तौर पर नियुक्ति थीं लेकिन अब उनके द्वारा विश्वास पत्र राष्ट्रपति को सौंपने के पश्चात आधिकारिक तौर पर तुर्की में इजराइल की राजदूत का दर्जा उन्हें मिल गया है। इस मौके पर इजराइल की राजदूत आयरिन लिलियन ने कहा, मेरा दिल आशाओं से भर गया है। हम सभी यह उम्मीद करते हैं कि इजराइल और तुर्की के मध्य राजनीतिक मेल मिलाप की प्रक्रिया में बढ़ोतरी होगी एवं अन्य क्षेत्रों में इसका विस्तार होगा।

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इसी महीने इजराइल में भी तुर्की के नये राजदूत साकिर ओजकान अपना विश्वास पत्र सौंपा था। इजराइल में हुए आम चुनाव के बाद तुर्की के राष्ट्रपति अरदोआन और इजराइल के प्रधानमंत्री बनने जा रहे बेंजामिन नेतनयाहू के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पारस्परिक हितों का सम्मान करते हुए साथ मिलकर काम करने की सहमति व्यक्त की थी। एक समय इजराइल और तुर्की क्षेत्रीय सहयोगी हुआ करते थे, लेकिन बीते एक दशक से भी ज्यादा समय से दोनों के रिश्ते में तनाव मौजूद है, लेकिन अब दोनों देशों के बीच रिश्तों में जमी बर्फ पिघलती हुई दिखाई पड़ रही है।

उल्लेखनीय है कि गाजा पट्टी में सहायता के लिए जा रहे एक जहाज में इजराइल द्वारा छापेमारी के बाद तुर्की ने अपने यहां इजरायल के राजदूत को बर्खास्त कर दिया था। इस घटना में 10 तुर्की नागरिक इजरायल द्वारा मार दिए गए थे। हालांकि साल 2016 में दोनों देशों के बीच फिर राजनयिक रिश्ते बहाल हुए, लेकिन 2 वर्ष पहले ही तुर्की ने अपने राजदूत को इजराइल से वापस बुला लिया था। यह फैसला गाजा पट्टी पर इजराइल की ओर से फलस्तीनियों के विरोध प्रदर्शन के ऊपर की गई फायरिंग के कारण लिया गया था। फिलहाल इसके बाद दोनों देश एक दूसरे से संबंध सुधारने की लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह अब जाकर परवान चढ़ा। कुल मिलाकर इजराइल और तुर्की के रिश्तों में दशकों से जमी बर्फ पिघलती हुई दिखाई पड़ रही है और यह दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते बहाल होने का एक पुख्ता प्रमाण है।

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