
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). रेलवे सुरक्षा बल ने आधा दर्जन किशोरियों को बरामद किया है, जिन्हे बहला-फुसलाकर मुंबई ले जाया ज रहा था। फिलहाल, आरपीएफ ने गाजीपुर पुलिस को सूचित करते हुए सभी को चाइल्ड लाइन भेज दिया है। यह बरामदगी बीती रात रूटीन गश्त केदौरान की गई, जहां जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या एक पर सभी किशोरियों मौजूद थीं।
आरपीएफ के इंस्पेक्टर शिवकुमार सिंह ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ रूटीन गश्त पर थे। इस दौरान प्लेटफार्म की जांच के साथ संदिग्ध यात्रियों पर नजर रखी जाती है। गश्त के दौरान आधा दर्जन किशोरियों पर नजर पड़ी, जो काफी डरी हुई और असहजम अवस्था में दिखीं।
इस पर आरपीएफ की टीम ने उनसे पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर चाइल्ड लाइन के सदस्यों को बुलाया गया। चाइल्ड लाइन के द्वारा की गई पूछताछ में पता चला कि गांव की ही पूजा नामक एक लड़की सभी को बहला-फुसलाकर मुंबई ले जा रही थी, जहां सभी को रोजगार मिलता।
चाइल्ड लाइन के द्वारा ली गई जानकारी के मुताबिक सभी किशोरियां गांजीपुर जनपद के गांव बासफोर की हैं।। कोतवाली गाजीपुर के थानाध्यक्ष को लड़कियों की फोटो भेजकर जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ की उक्त सभी नाबालिग लड़कियां एक ही गांव की हैं और पूजा नामक लड़की अपने साथ बहला फुसला कर घर से भगाकर ले जा रही है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद आरपीएफ ने लिखापढ़ी के बाद सभी को वन स्टॉप सेंटर में दाखिल करवाया और इसकी जानकारी निरीक्षक कोतवाली गाज़ीपुर को दी।



