
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
The live ink desk. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस्लामिक सरकार पर व्यापक दमन का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वहां हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 12,000 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी आदेश पर हिंसक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों की मदद भेज रहा है, हालांकि इस सहायता के स्वरूप को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर हताहतों का दावा
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, हालात को लेकर ट्रंप प्रशासन में हलचल तेज है। रिपोर्ट में ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी के हवाले से कहा गया है कि बीते कुछ दिनों में हिंसा और तेज हुई है, जिससे मृतकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। पहलवी ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के पक्ष में खुलकर सामने आने की अपील की है।
फॉक्स न्यूज का दावा: सैन्य हथियारों से कुचले गए प्रदर्शन
फॉक्स न्यूज से बातचीत में रजा पहलवी ने कहा कि पिछले दो दिनों में हालात और भयावह हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि मरने वालों की संख्या 9/11 आतंकी हमलों में मारे गए लोगों से चार गुना अधिक हो चुकी है। पहलवी के अनुसार, “निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर एके-47, बख्तरबंद वाहनों और सैन्य ट्रकों का इस्तेमाल किया गया। शवों को बुलडोजर से हटाया गया।”
यूरोपीय देशों ने जताया विरोध, राजदूत तलब
ईरान इंटरनेशनल के संपादकीय बोर्ड ने सूत्रों और मेडिकल डेटा के आधार पर कहा है कि 8 और 9 जनवरी की रात विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 12,000 लोगों की जान गई।
इन दावों के सामने आने के बाद नीदरलैंड, स्पेन और फिनलैंड समेत कई यूरोपीय देशों ने ईरान के राजदूतों को तलब कर प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
ईरान के सुन्नी धर्मगुरु की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के प्रमुख सुन्नी धर्मगुरु मौलवी अब्दुल हामिद ने भी इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है। उन्होंने देशभर में प्रदर्शनकारियों की हत्या को अमानवीय बताते हुए चेतावनी दी कि ऐसे आदेश देने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि कुछ ही दिनों में हजारों लोगों की हत्या ने ईरान को शोक और आक्रोश में डुबो दिया है और यह पूरी दुनिया की अंतरात्मा को झकझोरने वाली घटना है।
अमेरिका में विरोध के प्रतीकात्मक चित्र वायरल
इस बीच अमेरिका में भी ईरान की स्थिति को लेकर विरोध तेज होता नजर आ रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि क्लाउडिया टेनी ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर को सिगार जलाने के लिए इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है।
न्यूयॉर्क से रिपब्लिकन सांसद टेनी ने टिप्पणी करते हुए लिखा—“अगर आपके पास हैं, तो उन्हें जला दीजिए।” यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।





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