माघी पूर्णिमा पर प्रयाग में जुटे 2.10 करोड़ श्रद्धालु, खत्म हुआ कल्पवास

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी प्रयागराज में माघी पूर्णिमा पर संगम तट पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। केंद्रीय व राज्य सरकार की तैयारियों के बीच श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर संगम में स्नान कर पुण्य की प्राप्ति की। अधिकारियों द्वारा जारी फाइनल सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस बार करीब 2 करोड़ 10 लाख श्रद्धालुओं ने माघी पूर्णिमा के अवसर पर संगम में स्नान किया।
माघी पूर्णिमा के स्थान के साथ ही माहभर गंगा तट पर रहकर कल्पवास करने वाले भी लौटने लगे हैं। इसके लिए माघ मेला प्रशासन ने पूरा इंतजाम कर रखा है, ताकि यहां से निकलने में लोगों को कोई दिक्कत न होने पाए। माघ मेले में कल्पवास करने के लिए प्रयागराज के अलावा यूपी के कई जनपदों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी लोग आते हैं।
प्रयागराज प्रशासन ने माघी स्नान के लिए सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए थे। घाटों पर बैरिकेडिंग की गई, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई और भीड़ नियंत्रण के लिए मार्गों का विशेष प्रबंध किया गया। चिकित्सा और आपातकालीन सुविधाओं को भी हर घाट पर उपलब्ध कराया गया था।
स्नान के दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर धार्मिक रीतियों का पालन किया। प्रशासन ने बताया कि आस्था की इस महाकुंभ-सी भीड़ के चलते घाटों पर सतत जल स्तर और सुरक्षा निगरानी रखी गई।
साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तट पर सफाई, शौचालय और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने यातायात के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज रूप से घाट तक पहुंचने में मदद मिल सके।
पिछले साल की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में हल्की वृद्धि देखी गई। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि माघी पूर्णिमा का यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी मजबूती देता है।
श्रद्धालुओं का कहना था कि संगम में डुबकी लगाना उनके लिए आध्यात्मिक अनुभव का सर्वोच्च रूप है। उन्होंने प्रशासन द्वारा किए गए व्यवस्थाओं की सराहना भी की।


