आधुनिक तकनीक अपनाएं मत्स्य पालकः मंत्री ने की योजनाओं की समीक्षा

भदोही (संजय सिंह). उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग से जुड़े कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए ज्ञानपुर स्थित राजकीय अतिथि गृह में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के मत्स्य मंत्री Sanjay Nishad ने की। इस दौरान ज्ञानपुर के विधायक विपुल दुबे तथा अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेन्द्र मौर्य सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जनपद में संचालित मत्स्य विकास परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मत्स्य दुर्घटना बीमा योजना तथा ग्राम सभा तालाबों के पट्टा आवंटन की स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि पट्टाधारकों को ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तथा पात्र मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जाए। मत्स्य विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ‘रिपीट हार्वेस्टिंग’ पद्धति अपनाने पर भी बल दिया गया। जिले में संचालित फिश हैचरी इकाइयों के प्रभावी संचालन और मत्स्य समुदाय के लिए उत्सव केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया।
मंत्री ने बताया कि वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम वाले मत्स्य परिवारों के बच्चों को इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने पर 10 हजार रुपये, स्नातक पर 20 हजार रुपये तथा स्नातकोत्तर या तकनीकी शिक्षा पर 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त मत्स्य समुदाय के सदस्यों को उपचार के लिए पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
युवाओं के कौशल विकास के लिए एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 10 युवाओं को अन्य राज्यों में आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाने की योजना है, ताकि वे अपने जिले में स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सात दिन के भीतर पात्र मछुआ सदस्यों का बीमा कवरेज सुनिश्चित किया जाए और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही विकसित, अर्द्ध-विकसित और अविकसित तालाबों की सूची तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया। तालाबों के पट्टे पारदर्शी प्रक्रिया से, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की निगरानी में आवंटित करने पर जोर दिया गया।
आधुनिक मत्स्य पालन के तहत घर आधारित टैंक प्रणाली, एयरेशन सिस्टम और हाईटेक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। सिंचाई विभाग को खाली पड़े पोखरों को भरने, विद्युत विभाग को रात्रिकालीन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा नेडा विभाग को मछुआ बहुल गांवों में सोलर लाइट लगाने के लिए कहा गया।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को कैंप आयोजित कर मत्स्य पालकों को क्रेडिट सुविधाओं और अनुदान योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मत्स्य आवास, सहकारी समितियों, रिवर रैंचिंग, दुर्घटना बीमा और अन्य योजनाओं की परियोजनावार समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों, मत्स्य निरीक्षकों, मत्स्य पालकों और मछुआ समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।



