
The live ink desk. अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच बढ़ते टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि ईरान अब वार्ता की इच्छा जता रहा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह पहल “बहुत देर” से की जा रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, वायुसेना, नौसेना और शीर्ष नेतृत्व गंभीर रूप से कमजोर पड़ चुके हैं।
हालांकि, इससे एक दिन पूर्व ट्रंप (Trump) ने संकेत दिया था कि यदि ईरान पहल करता है तो वे बातचीत के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, संघर्ष शुरू होने से पहले दोनों देशों के बीच तीन चरणों में वार्ता हो चुकी थी।
मिसाइल हमलों को लेकर अमेरिकी आरोप
अमेरिकी प्रशासन ने आरोप लगाया है कि ईरान क्षेत्र में अंधाधुंध मिसाइल हमले कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल लॉन्चर के माध्यम से अलग-अलग स्थानों से मिसाइलें दागी जा रही हैं, जिससे मध्य पूर्व में व्यापक क्षति पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अमेरिकी सेना के बयान के मुताबिक, संभावित खतरे की पहचान होते ही त्वरित सैन्य कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में सेना ने एक वीडियो फुटेज भी जारी किया है।
रूस की कूटनीतिक सक्रियता के संकेत
दूसरी ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिया है कि वे तेहरान से सीधे संपर्क साधेंगे। क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन खाड़ी देशों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को ईरान के समक्ष रखने की योजना बना रहे हैं।
पुतिन ने हाल ही में मोहम्मद बिन सलमान और तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर बातचीत की। वार्ता के दौरान संघर्ष के विस्तार और उसके संभावित गंभीर प्रभावों पर चिंता व्यक्त की गई।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा।
ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों से बाजार अस्थिर
हालिया घटनाक्रम में सऊदी अरब की एक रिफाइनरी, संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह ऊर्जा केंद्र और कतर के रस लाफान एलएनजी संयंत्र के प्रभावित होने की खबरों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है।



