अवधताज़ा खबरपश्चिमांचलपूर्वांचलबुंदेलखंडराज्य

Ganga Express Way: महाकुंभ-2025 से पहले एक्सप्रेस-वे के शुभारंभ का टारगेट

सीएम ने की समीक्षा, बुंदेललखंड एक्सप्रेस-वे को चित्रकूट से जोड़ने की कार्यवाही तेज करने का निर्देश

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निर्माणाधीन एवं नवीन एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं, औद्योगिक कॉरीडोर और डिफेंस कॉरीडोर के प्रगति की समीक्षा की। सरकारी आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में योगी आदित्यनाथ ने कहा, बीते सात सालों में उत्तर प्रदेश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। वर्ष 2017 तक मात्र दो एक्सप्रेस-वे वाले इस प्रदेश में आज छह एक्सप्रेस-वे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग भी सात वर्ष पहले की तुलना में लगभग दोगुने हो गए हैं।

आज यूपी को एक्सप्रेस-वे (Express Way) प्रदेश के रूप में नई पहचान मिल रही है। कहा कि मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रत्येक दशा में आगामी दिसंबर तक आम जनता के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखें, ताकि प्रयागराज कुंभ-2025 में देश-दुनिया के श्रद्धालुगण गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Express Way) पर यात्रा का लाभ उठा सकें। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रगति संतोषप्रद है। जनपद गोरखपुर, संतकबीर नगर, आजमगढ़ और अंबेडकर नगर के लिए यह शानदार कनेक्टिविटी का माध्यम बनेगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस (Gorakhpur link Express way) का निर्माण समयबद्ध ढंग से पूरा करा लिया जाए।

सीएम ने कहा कि जन आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए बुंदेलखंड की जीवनरेखा बन चुके बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे (Bundelkhand Express Way) को चित्रकूट से जोड़ने के लिए कार्यवाही तेज की जाए। इसके लिए बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है। यह बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा। कार्य की गुणवत्ता और परियोजना की समयबद्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एक्सप्रेस-वे कवरेज को और विस्तार देने की आवश्यकता है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, जेवर में विश्वस्तरीय एयरपोर्ट बन रहा है, इसे एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाना चाहिए। इसके लिए, गंगा एक्सप्रेस-वे से जेवर एयरपोर्ट तक लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाना उचित होगा। इसी प्रकार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तक लिंक एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तक वाया फर्रुखाबाद एक नया लिंक एक्सप्रेस-वे बनाया जाना चाहिए। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ यह तीन नये एक्सप्रेस-वे प्रदेश की तरक्की को तेज करने वाले होंगे। इस बारे में प्रारंभिक अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। सभी एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर पौधे लगाए जाएं।

डिफेंस कारीडोर में हुआ 24000 करोड़ का निवेश

रक्षा उत्पादन का हब बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने वाली उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कारीडोर में देश-दुनिया की बड़ी रक्षा उत्पाद निर्माता कंपनियां निवेश कर रही हैं। अब तक 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश डिफेंस कॉरीडोर में हो चुका है। लखनऊ नोड में ब्रम्होस एयरोस्पेस, एरोलॉय टेक्नोलॉजी, झांसी नोड में भारत डायनमिक्स लिमिटेड, कानपुर नोड में अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलाजिज लिमिटेड, अलीगढ़ में एमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और एंकर रिसर्च लैब्स एलएलपी जैसी बड़ी कंपनियां अपनी इकाई लगा रही हैं। नवीन प्रस्तावों के संबंध में तत्काल निर्णय लिया जाए। कोई भी प्रस्ताव लंबित न रखें।

निजी पार्कों के लिए बल्क में दी जाए जमीन

मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी पार्कों के विकास के लिए बड़ी संख्या में निवेशकों ने रुचि दिखाई है। एमएसएमई विभाग ने इस पर अच्छा कार्य किया है। निजी पार्क की स्थापना के लिए निवेशकों को बल्क लैंड की पूर्ति के लिए औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा जी से व्यवस्था की जाए। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा भूमि अधिसूचित करने के बाद अधिग्रहण की कार्यवाही प्रारंभ करने में अनावश्यक विलंब न हो। किसानों को मुआवजा तत्काल दिया जाए। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा अपने औद्योगिक क्षेत्रों में सिक औद्योगिक इकाइयों की भूमि को नए निवेशकों को उपलब्ध कराने की नीति घोषित करनी चाहिए।

बुलंदेखंड के विकास को नई ऊंचाई देगा बीडा

सीएम ने कहा कि नवगठित बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही तेज की जाए। यह प्रयास बुंदेलखंड के विकास को एक नई ऊंचाई देने वाला होगा। दादरी में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) एवं बोराकी में मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच)के विकास की प्रक्रिया तेज की जाए। इसी तरह लखीमपुर खीरी में बायो प्लास्टिक मैनुफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए भूमि क्रय की जानी है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन की सतत समीक्षा की जाए।

निवेश के अनुकूल बनाएं प्राधिकरणों का बाइलाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, बदलती परिस्थितियों के बीच प्राधिकरणों के बाइलॉज को अपडेट करने की आवश्यकता है। नियमों को और अधिक निवेश अनुकूल बनाया जाना चाहिए। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में लैंडबैंक विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जाए। औद्योगिक कॉलोनियों में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। यह जिम्मेदारी विकास प्राधिकरण की है कि इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क, ड्रेनेज, सफाई, जलापूर्ति जैसी सुविधाएँ बेहतर ढंग से उपलब्ध हों।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button