
The live ink desk. राजस्थान की राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राज्य के तीन ऐतिहासिक नगरों के नाम परिवर्तित करने की घोषणा की। सरकार के निर्णय के अनुसार माउंट आबू का नाम अब अबूराज, कामां का कामवन और जहाजपुर का यज्ञपुर होगा।
मुख्यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि यह कदम प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन पहचान और ऐतिहासिक परंपराओं को पुनर्स्थापित करने की दिशा में उठाया गया है। उनके अनुसार, इन नगरों के मूल नाम स्थानीय लोकविश्वास, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक संदर्भों से जुड़े रहे हैं, जिन्हें समय के साथ परिवर्तित या विकृत रूप में अपनाया गया। सरकार का मानना है कि नाम परिवर्तन से क्षेत्रीय अस्मिता को नई पहचान मिलेगी और सांस्कृतिक गौरव को बल मिलेगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया विधिवत प्रशासनिक और वैधानिक औपचारिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाई जाएगी। संबंधित विभागों को अधिसूचना जारी करने, राजस्व अभिलेखों, शासकीय दस्तावेजों, संकेत पट्टों और अन्य आधिकारिक अभिलेखों में संशोधन के निर्देश दिए जाएंगे। केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी की जाएगी।
माउंट आबू, जिसे राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है, अब “अबूराज” के नाम से जाना जाएगा। इसी प्रकार भरतपुर संभाग के कामां क्षेत्र का नाम “कामवन” तथा भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर का नाम “यज्ञपुर” निर्धारित किया गया है। सरकार का तर्क है कि ये नाम ऐतिहासिक ग्रंथों और स्थानीय परंपराओं में वर्णित मूल स्वरूप के अधिक निकट हैं।
इस घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। समर्थक इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रयास बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों ने इसे प्राथमिक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करार दिया है। हालांकि सरकार का कहना है कि विकास और सांस्कृतिक संरक्षण—दोनों समानांतर रूप से आगे बढ़ाए जाएंगे।
विधानसभा में की गई इस घोषणा के साथ ही राज्य में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी होने की संभावना है।



