इवेंटताज़ा खबरभारत

LPG संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला, 23 मार्च से 20% अतिरिक्त आपूर्ति

नई दिल्ली. ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़े तनाव का असर भारत की रसोई गैस आपूर्ति पर भी पड़ा है। इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने 23 मार्च 2026 से राज्यों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त एलपीजी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि आपूर्ति में आई कमी को आंशिक रूप से संतुलित किया जा सके।

सरकार के अनुसार, संकट शुरू होने के बाद प्रभावित हुई गैस आपूर्ति को धीरे-धीरे सामान्य करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। 23 मार्च से राज्यों को मिलने वाली एलपीजी आपूर्ति को बढ़ाकर प्री-क्राइसिस स्तर के करीब 50 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, पूर्ण सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी समय लग सकता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त गैस की प्राथमिक आपूर्ति होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, औद्योगिक कैंटीन और डेयरी सेक्टर को दी जाएगी, ताकि खाद्य सेवाओं पर संकट का असर कम से कम पड़े। हाल के दिनों में कुछ शहरों, विशेषकर बेंगलुरु, से पारंपरिक ईंधन के उपयोग की खबरों ने सरकार को इस दिशा में त्वरित निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है।

इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को राहत देने के लिए 5 किलोग्राम क्षमता वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगी, जिनके पास नियमित घरेलू गैस कनेक्शन नहीं है।

ऊर्जा आपूर्ति पर असर की प्रमुख वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा तनाव है, जहां से भारत अपनी कुल गैस आवश्यकता का बड़ा हिस्सा आयात करता है। वैश्विक स्तर पर उत्पन्न इस अस्थिरता का सीधा प्रभाव घरेलू बाजार पर पड़ा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने राज्यों के मुख्य सचिवों को कालाबाजारी और दुरुपयोग पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सप्लाई चेन को पारदर्शी बनाए रखने और गैस की उपलब्धता जरूरतमंदों तक सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरतने को कहा गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button